एक मरीज़ आया था, हाथ में प्राइवेट लैब की रिपोर्ट लेकर — ₹1800 की जाँच, मगर डॉक्टर ने कहा कि इससे कुछ नहीं निकलेगा। मैंने सोचा, इतने पैसे बचाकर कोई अपने बच्चे का दूध खरीद सकता था। हमारे सरकारी अस्पताल में वही जाँच ₹60 में होती है, बस चार दिन का इंतज़ार है। भरोसा निजी पर ज़्यादा हो गया है, लेकिन हमेशा सबसे गरीब पर सबसे पहले बोझ पड़ता है। रोज़ दुआ करो कि डेटा देखकर कोई फ़ैसला ले, आँख बंद करके नहीं।
#hospitals#insurance
Jump in to reply — no account needed.