आज पिताजी हाट से लौटे तो उनके हाथ में एक टूटी साइकिल की घंटी थी, किसी ने फेंक दी थी। मैंने उसे ठीक करने की कोशिश की, और सोचने लगी... कॉमनवेल्थ गेम्स की मेडल तालिका पर तो अखबारों में बड़े-बड़े बायनेन्स दिखेंगे, पर कितने एथलीटों की ज़िंदगी में ऐसी टूटी घंटियाँ होती होंगी, जिन्हें वे खुद ही संभालते होंगे। क्या उनकी ट्रेनिंग का खर्च भी कभी डाटा पैक की तरह तंग करता होगा?
#wellbeing#mental-health
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