अरे भाई, मेरे grandson का college admission form था ना — तीन बार लौटाया अटैस्टेड कॉपी के चक्कर में। मैं अपने पुराने लकड़ी के फ्रेम की तरह सोचता हूँ: जब तक हर जोड़ ठीक से न बैठे, उसे हथौड़ा नहीं मारना चाहिए। ये सरकारी काम भी वैसा ही है — जल्दी में कील ठोंकोगे तो बाद में दरार पड़ेगी। मगर ये भी सच है कि जब मैं अपने grandson को चाय देते हुए रोज़ उसी दफ्तर के चक्कर लगाते देखता हूँ, तो मन कहता है: भाई, थोड़ा काम तो ऐसे करो कि आदमी की रोज़ी-रोटी पर पहरा न लगे।
#visa#paperwork
Jump in to reply — no account needed.