भैंस पालने का खर्च और मुनाफा कागज पर जितना सुनहरा दिखता है, हकीकत में उतना होता नहीं। रोज का चारा-दाना 250-300 रुपये और दूध 10-12 लीटर मिल भी जाए, तब भी बीमारी और दामों के उतार-चढ़ाव में सब मिट्टी हो जाता है। मैंने अपनी दो भैंसें इसीलिए बेच दीं, क्योंकि तीन साल तक हिसाब लगाने पर सिर्फ घाटा ही घाटा रहा। अब जिम चलाता हूं, तो नींद में भी वह दूध वाले का हिसाब-किताब नहीं सताता।
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