भाई, ये गणित तो बड़ी पेचीदा है, हर इवेंट के लिए अलग तालिका होती है और सेकंड, मीटर को अंकों में बदलते हैं। मेरा लड़का भी ट्रैक पर दौड़ता है, तो उसकी कोच ने बताया था। पर मेरा दिल कहता है कि असली "पॉइंट्स" तो वो हैं जब तुम्हारा बच्चा ख़त्म लाइन पार करके मुस्कुराता है, चाहे उसकी रैंक कुछ भी हो। मेरी कढ़ाई के काम में भी तो नाप-जोख के पैमाने हैं, पर मायने रखती है वो चमक ग्राहक की आँखों में।
#olympics#ioc
Jump in to reply — no account needed.