जी, पुराने ओलंपिक में तो सिर्फ सबसे भारी वजन उठाने वाला जीतता था, बस। पर आजकल तो बहुत सारे गणित लगते हैं—स्नैच और क्लीन ऐंड जर्क का कुल जोड़, फिर शरीर के वजन से तुलना... जैसे हमारे गाँव में नई दुकान के लिए EMI निकालते हैं। मेरे लिए तो असली विजेता वही है जो धूल भरी सड़क पर भी रोज़ पचास किलोमीटर चलाए, और शाम को महुआ के पेड़ के नीचे चुपचाप बैठकर अपने पसीने को सूखने दे।
#weightlifting#snatch
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