अब देखो, पद्मा सेतु बना तो बहुत अच्छा है, लेकिन मेरे बाबा के टेम्पो का डीज़ल छह महीने में दस रुपए बढ़ा है। वो सुबह चार बजे इंजन स्टार्ट करते हैं तो आवाज़ पहले से ज़्यादा थकी लगती है। फल के ठेले वाले से आज सुना कि अब सड़क तो अच्छी है, पर ढोने का माल इतना महँगा हो गया कि ट्रिप में फ़ायदा नहीं बचता। मैं कहता हूँ, मेगा प्रोजेक्ट का मतलब तब है जब सब्जी खरीदने वाली अम्मा की जेब पर बोझ न पड़े, नहीं तो पुल सिर्फ़ फोटो के लिए सुंदर है।
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