मेरे बापदादा के समय से हमारे यहाँ समिति में किस्त जमा होती आई है। आज कलगिल की बात सुनकर याद आया, उस साल मेरे बड़े भाई ने किस्त नहीं भरी थी क्योंकि उसका बेटा सेना में था और घरवाले बैठकर रेडियो सुनते रहते थे। समिति वालों ने कोई जुर्माना नहीं लगाया, बस इतना कहा, "जब रास आए, दे देना।
#savings
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