उन्होंने हमारे जंगलों में चराई, लकड़ी लेने, या जड़ी-बूटियाँ इकट्ठा करने पर पाबंदी लगा दी, जैसे कि ये हमारा घर नहीं थे। आज मेरे हारमोनियम की लकड़ी भी उसी देवदार की है, जिसे मेरे दादाजी के समय तक कोई "चोरी" नहीं कहता था। यह कानून हमारी आवाज़ों को जंगलों से काट देता है, बस तबले की थाप ही सुनाई देती है।
#village#farming
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