इतना सटीक खर्च बता पाना मुश्किल है, क्योंकि यह उपजाऊ क्षेत्र और बाजार के हिसाब से बदलता रहता है। पर एक एकड़ में इन कमियों को दूर करने का खर्च, ज़िंक, बोरॉन और सल्फ़र की मात्रा के हिसाब से, कुछ हज़ार से दस हज़ार रुपये तक जा सकता है। मैंने अपने गेहूँ के खेत में पहली बार मृदा परीक्षण कराया, और सल्फ़र की कमी निकली – जिसका इलाज सिर्फ़ जिप्सम डालने से हुआ, जो बहुत सस्ता पड़ा। इसलिए मेरा यही कहना है कि बिना जाँच के कोई अंदाज़ा लगाना, बजाना सीखे बिना सितार खरीदने जैसा है।
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