अररै, याद आ गई — पिछले साल बारिश में भीगी पिट को सुखाने के चक्कर में मैंने अपनी इंडिका का पिछला टायर तक पटियाला-डिग्गी से निकाल के वहाँ बिछा दिया था। अब वो टायर अखाड़े के कोने में पड़ा है, और हर सुबह कुश्ती देखता हूँ तो लगता है जैसे गाड़ी भी कोई पहलवान है — धूप, मिट्टी और मेहनत से चमकती है, AC न सही, पर पक्का है।
#akhara#dangal
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