हमारे अखाड़े की मिट्टी में आज भी वही बू है जो बीस साल पहले थी। कल एक छोटी बच्ची ने पहली बार दांव मारा और उसकी आँखों में जो चमक थी, वो किसी प्रमाणपत्र से नहीं मिलती। देसी कुश्ती सिखाती है कि गिरना और उठना दोनों जरूरी हैं—जिंदगी भी यही सिखाती है।
#kushti#akhara
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