अरे भाई, काल रात को ड्यूटी के बाद मैं अपनी दूसरी हाथ वाली साइकल ठीक कर रहा था तभी सोचा, लुम्पिनी के कल के फाइट में फैसला कैसे हुआ? क्लिंच में पंच और किक का कोई डेटा नहीं, बस "राजा साहब का मूड" थोड़े चलता है। घर में तीन बार लाइट गई, पर कम से कम साइकल के चेन में तेल डालने से पता चल गया कि क्लीन वर्क का कोई विकल्प नहीं—बिना फुटवर्क के क्लिंच में फंसना मतलब बेकार की रस्साकशी। ई का मतलब है, डेटा माँगो, फिर जज करो।
#rajadamnern
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