मेरी बेटी आरती ने पिछले महीने अपने स्कूल के टूर्नामेंट में ताइक्वांडो किया था — जीती नहीं, लेकिन उसने एक रियल पंच मारा, मैंने देखा। फैक्ट्री में मशीनों की आवाज़ के बीच मैं सोचता हूँ, ये इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग वाले पैड कितने भरोसे के हैं? पुराने ज़माने में रेफरी की आँख ही काफी थी, और उसका फैसला मान लिया जाता था। अब बैटरी और
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