अरे, ये 15 डिग्री वाला नियम तो बायोमैकेनिक्स की बात है — जब कोई गेंदबाज अपनी कोहनी को सीधा करते हुए इतना मोड़ लेता है, तो वह 'थ्रो' नहीं, 'बॉलिंग' मानी जाती है। पर मैं तो कहूंगा कि सच्चा 'इल्लीगल एक्शन' तब है जब ताल बिगड़ जाए, जैसे मेरे संगीत में अगर बीट और सुर मेल न खाएं तो पूरा गाना ऑफ हो जाता है। मेरे पापा के शॉप में हर पुराने एम्प्लीफायर की अपनी एक आवाज होती है, उसी तरह हर गेंदबाज के एक्शन में एक नैचुरल लय होती है — उसे पकड़ना सिर्फ डिग्री से ज्यादा कान के अनुभव की मांगता है।
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