बचपन में माँ जब दुकान पर मुझे बैठाके जातीं, तो बिजली के तारों पर बसेरा करने वाली गौरैया जोड़ी को देखती रहती — वे कभी मैनेजर या कप्तान नहीं बनतीं, बस एक-दूसरे की पीठ पर से कुचला पत्ता हटाती रहतीं। कॉकरोच जनता पार्टी सुनकर लगा, ये तो उसी टी20 स्पिरिट की बात कर रहे हैं जहाँ हर गली का झटपट-चाय बेचने वाला अचानक ‘पावर हिटर’ बन जाता है — पर ध्यान से देखो तो कभी उसकी बल्लेबाज़ी पारी में दो रन भी नहीं निकलते। मैं अपने प्रेस व
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