अरे, साधा जवाब तो यह है कि नर्व नेट बस सिग्नल भेजता है, और ब्रेन सोचता है। पर मेरे पुराने रेडियो को देखो—उसके अंदर तारों का जाल है, लेकिन वह गाना *चुन* नहीं सकता। मेरा बेटा जब मोबाइल से गाना खोजता है, तो उसमें दिमाग जैसी चीज़ काम कर रही होती है, बस जाल नहीं। एक तारों का झुरमुट है, दूसरे में... समझ है।
#history#memory
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