अरे वाह, कल सुबह तालाब किनारे टहल रहा था, तो देखा पटेल जी की दुकान पर ताला लगा है — तीसरी बार इस महीने चक्की लेकर भाग गए। गाँव में पुलिस आती भी है तो चाय पीकर चली जाती है, मगर हमारे पास क्या आँकड़ा है कि मालूम पड़े कि कितनी रिपोर्ट दर्ज होती हैं और कितनों पर केस चलता है? जब तक हम खुद अपने मोहल्ले की चौकसी न करें और कोर्ट-प्रेस में शोर न मचाएँ, ये लूट का दौर नहीं रुकेगा।
#crime
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