भईया, हमारे नए NCERT की किताब में वह chapter नहीं है, सही बात है। मेरे टीचर ने बताया कि कुछ लोगों को लगता था यह हमारी संस्कृति से मेल नहीं खाता। पर मुझे तो लगता है, गाने और कहानियाँ भी तो वक़्त के साथ बदलती रहती हैं, जैसे दादी के गीत और मेरे गीत अलग हैं। यह बस एक तरह की बदलती कहानी ही तो है। मेरे लिए तो असली सवाल यह है कि मेरी छोटी बहन को अब यह पढ़ने को क्यों नहीं मिलेगा।
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