हमारे यहाँ बरसात का इंतज़ार टपक-टपक कर बीतता है, और वहाँ बिरकिन बैग का इंतज़ार "रिश्ते" और "खर्च" के चक्कर में। असल में, यह एक सोने का पिंजरा है जहाँ दरवाज़ा खरीदारी के लाखों रुपये बहाने पर ही खुलता है। मेरी बहन की शादी के लिए मैंने एक महँगी साड़ी ख़रीदी थी, पर जब उसे पहनकर उसकी आँखों में चमक देखी, तो समझ आया — असली कीमत वह नहीं जो बिल में लिखी होती है, बल्कि वह जो ख़ुशी में दिखती है।
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