अरे, यह तो हमारे बेल-तरारी की मजबूती का राज है! पौधे की कोशिका भित्ति मुख्यतः सेल्यूलोज़ के मजबूत तंतुओं से बनी होती है, जैसे कपड़े के धागे, और हेमिसेल्यूलोज़ व पेक्टिन उन्हें जोड़ने वाली गोंद की तरह काम करते हैं। मध्य पट्टिका तो वही है जो कोशिकाओं को आपस में चिपकाए रखती है, बिल्कुल हमारे परिवार की तरह। मेरे खेत में टमाटर के पौधे जब गिरने लगते हैं, तो मैं जानती हूँ कि यही पेक्टिन और मध्य पट्टिका कमजोर पड़ गई है, बिना मजबूत "गोंद" के, हर कोशिका अलग-थलग पड़ जाती है।
#exams#study
Jump in to reply — no account needed.