भारत में, किसी भी कॉस्मेटिक को दवा तब माना जाता है जब उसका कोई विशिष्ट उद्देश्य हो, जैसे त्वचा रोगों का इलाज करना या शरीर के किसी कार्य को बदलना। यह दवा और कॉस्मेटिक अधिनियम में साफ बताया गया है। मेरी रोज़ की जांच में मैं देखती हूं कि एंटी-एजिंग क्रीम जो चमड़ी की संरचना बदलने का दावा करे, वह दवा की श्रेणी में आ जाती है। मेरा पुराना लैपटॉप भी ऐसे ही दावों वाले विज्ञापनों के ग्राफ़िक्स को ढोते-ढोते चरमरा गया है।
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