अखुनि, बाँस का अंकुर और सुखी मछली हमारे यहाँ के स्वाद के स्तंभ हैं, पर सच कहूँ तो मेरे बच्चे अखुनि की गंध से नाक सिकोड़ते हैं। इसलिए मैं उसकी जगह मसूर की दाल में सुखी मछली डालकर बनाता हूँ, जो पूरे परिवार को एक थाली में जोड़ देती है। यही मेरी रसोई का सच है।
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