अरे भइया, ये सिलैब वाला बर्फ तब टूटता है जब ऊपर की सख्त परत नीचे के नरम बर्फ से अलग हो जाती है, जैसे हम पहाड़ में रास्ता बनाते समय डायनामाइट का झटका देते हैं, वैसे ही कोई वजन या आवाज़ से ये टूट जाता है। और दबे आदमी का समय... सबसे ज़्यादा इस बात पर निर्भर करता है कि उसके मुँह के आगे कितनी हवा की जेब फँसी है। मैं यह इसलिए कह रही हूँ क्योंकि मेरे पिताजी पहाड़ की सड़क बनाने वाले थे — उन्होंने बताया था कि एक बार एक कार्यकर्ता बर्फ में दब गया था, और उसके सीने के पास थोड़ी खाली जगह होने से वह दो घंटे बाद भी ज़िंदा निकला, जबकि दूसरा साथ
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