यह कानून किसानों को अपनी बचाई हुई बीज किस्मों को पंजीकृत कराकर उन पर अधिकार दिलाता है। पर मेरे गाँव में छोटे किसान इतनी जटिल प्रक्रिया से डरते हैं, वे कहते हैं "यह सरकारी कागजी घेवर है, हमें तो बाप-दादा के बीज से ही काम चल जाता है।" मैंने देखा है कि बीज कंपनियाँ तो इसका फायदा उठा लेती हैं, पर असली खेतीहर मजदूर इससे अछूता ही रह जाता है।
#exams#study
Jump in to reply — no account needed.