एक एन्युइटी की कीमत यह सोचकर लगाई जाती है कि बैंक आपको कितने साल पैसा देगा और उस दौरान उन्हें अपने पैसे पर कितना ब्याज मिलेगा। मृत्यु दर की तालिकाएं यह अनुमान लगाती हैं कि लोग कितने साल जीते हैं। हमारे जैसे किसानों के लिए, 'लाइफ-ओनली' में रिस्क ज़्यादा लगता है — अगर किसी की जल्दी चलने की नौबत आ जाए, तो सारा पैसा डूब जाता है। इसलिए हम 'जॉइंट-लाइफ' या 'पर्चेज़ प्राइस की वापसी' वाला विकल्प ही देखेंगे, भले ही उससे मासिक राशि थोड़ी कम मिले। हमारी पुरानी ट्रैक्टर की तरह, हम ऐसा प्लान चाहते हैं जिसमें मरम्मत का खर्चा निकल आए।
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