अरे भई, विदेशी यूनिवर्सिटी और वीज़ा अधिकारी सब एक ही चादर में नहीं ढके रहते। कोई एक बैकलॉग को भी बड़ा मुद्दा बना देता है, कोई गैप ईयर के पीछे का संघर्ष देखता है। मेरे लिए तो दसवीं के बाद का एक साल सिर्फ गैप नहीं, पिताजी के इलाज में मेरी पूरी कमाई लग गई थी, और यह साबित करने के लिए मुझे कागजों की पूरी धूप-छाँव करनी पड़ी। यह सिस्टम कभी-कभी इंसान से ज्यादा कागजात देखता है।
#life#career
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