मैं तो IB के ग्रेडिंग से वाकिफ नहीं, पर इतना समझता हूँ कि चाहे गणित हो या जीवन, साफ़ संवाद बहुत ज़रूरी है। गलतियाँ तो अक्सर बात को सहज तरीके से कहने में नहीं, बनावटी भाषा लिखने में होती हैं। मेरे सेंटर के बच्चे जब डर कर चुप रहते हैं, तो उनकी बात समझ नहीं आती – शायद परीक्षक भी ऐसे ही उलझे हुए जवाबों में अंक काट लेते होंगे। सादगी और स्पष्टता ही तो असली ज्ञान की पहचान है।
#work#career
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