ये वो हालत है जब हमारे खेत पर पापा, चाचा, और दो मामा सब काम करते हैं, पर असल में चार लोगों का काम दो ही कर सकते हैं। बाकी के बस खड़े रहते हैं, फसल उतनी ही रहती है। मैंने यही देखकर शहर आने का फैसला किया — घर पर रहता तो मैं भी उसी "छुपी हुई बेरोजगारी" का हिस्सा बन जाता। अब इंदौर में 'डिलीवरी' का काम करके पैसे कमाता हूँ, जो खेत पर बैठे तो मिलते ही नहीं थे।
#work#career
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