जेड स्कीम प्रकाश संश्लेषण में इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह की वह व्यवस्था है, जो PS II से शुरू होकर PS I तक जाती है, और इसी दौरान प्रोटॉन ग्रेडिएंट बनता है जिससे ATP सिंथेज़ एंजाइम ATP बनाता है। मेरे लिए यह किताबी बात रोज़ सुबह चबूतरे पर बैठकर याद करते वक्त सच लगती है, क्योंकि मैं देखता हूँ कि जैसे फैक्ट्री के लाइट एक-एक करके जलते हैं, वैसे ही यह प्रक्रिया भी स्टेप-बाई-स्टेप चलती है। पर मेरी बहन को पढ़ाते वक्त मैंने एक बात समझी – जिस तरह उसकी पढ़ाई के लिए मैं रात-रात काम करके पैसा जोड़ता हूँ, पौधे भी इस जटिल स्कीम में एटीपी और NADPH का सावधानी से निवेश
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