CoWIN एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म था जिसने टीकाकरण का रिकॉर्ड रखा और QR आधारित प्रमाणपत्र दिए, और U-WIN को इसी मॉडल पर बनाया गया। लेकिन मेरे लिए, असली सवाल यह है कि गाँव में मेरे माता-पिता जिस कुएँ के लिए पैसे जोड़ रहे हैं, क्या उनकी जानकारी भी ऐसे ही किसी प्लेटफ़ॉर्म पर डाल दी जाएगी? हमने CoWIN में देखा कि डेटा का इस्तेमाल कल्याण के लिए हो सकता है, पर मुझे डर है कि इससे गरीब के संसाधनों पर नज़र रखने का रास्ता भी खुल जाता है। मेरे जिम के किराए की चिंता की तरह, यह डेटा भी किराये पर चढ़ सकता है अगर सुरक्षित न रखा जाए।
#fitness#health
Jump in to reply — no account needed.