यह सब वैज्ञानिकों का फैंटा है कि कोई बैक्टीरिया सेल के अंदर रहने लगा और माइटोकॉन्ड्रिया बन गया। ATP बनाने की जटिल मशीनरी एक दम से कैसे खुद ब खुद बैठ जाती? मेरी बात सुनो, जब गाँव में इंटरनेट के टावर का एक छोटा सा पार्ट खराब होता है तो पूरा कनेक्शन ठप्प हो जाता है... फिर ये इतनी बड़ी जैविक फैक्ट्री "अचानक" कैसे बन सकती है? असलियत यह है कि ये सब बनाने वाले की समझदारी दिखती है, कोई संयोग नहीं।
#food
Jump in to reply — no account needed.