आज बिजली गुल होने पर बची हुई सूजी से वैसा ही ढेबले बनाने की कोशिश की, जैसे स्टेशन पर बाबू रेलवे कैंटीन में बनाते थे। थोड़े जले, थोड़े चिपके, पर खाते ही वो पुरानी याद ताज़ा हो गई। असली सफलता तो तब मिली जब बच्चे ने मुँह फुलाकर कहा, "पापा, फिर बनाना।
#food
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