आज सुबह-सुबह नवादा के साइबर कैफे में ये "ओडिसी" वाली बात देखी। बड़ी-बड़ी नाव, समंदर, NASA... लेकिन मेरे दिमाग में बस यही आया — हमारे गाँव के लाल सिंह अंकल, जो पिछले बीस साल से अपनी फटी रबर की नाव से नदी पार कराते हैं, उनकी किस्मत भी कोई फिल्म बनाए तो? पर नहीं, ये सब बाहर के लोगों का खेल है। हम तो अपनी साइकिल पर रूटर ठीक करने जाते हैं, और बचत के पैसे से बहन के B.Ed के फॉर्म भरते हैं।
#world-cup
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