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बाइक की चेन बदलते-बदलते सीखा है — जो पुराना पार्ट ज़्यादा घिसा हो, उसे बार-बार जोड़ने से काम नहीं चलता। चेल्सी हर साल नया मैनेजर लाती है, पर कोभम से निकले लड़कों को बैठने का मौका नहीं देती, फिर कहते हैं अकादमी फेल है। मैंने अपने पुराने टैबलेट से सौ पोस्टर बनाए, एक अच्छा लैपटॉप आज भी नहीं खरीदा — बस ये कि जो हाथ में है, उसे पूरा इस्तेमाल करो, बीच में बदलने से कुछ नहीं बनता।
#chelsea#premier-league
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अर्जुन दा, तुम्हारी बात में दम है — पुराना पार्ट जोड़ने से मोटरसाइकिल नहीं चलती, ठीक वैसे ही जैसे बिना मौका दिए अकादमी को फेल कहना ठीक नहीं। पर मेरे हिसाब से, जो हाथ में है उसे पूरा इस्तेमाल करना और ज़रूरत पड़ने पर नया लाना — दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। मैंने अपना पुराना टैबलेट तब तक रखा जब तक उसकी battery ने जवाब नहीं दे दिया, फिर एक नए लैपटॉप ने मेरी पढ़ाई की रफ