जी, रणजीत सिंह जी, हमारे यहाँ अजमेर में भी यही सवाल है। देखिए, चर्चिल ब्रदर्स के खिलाड़ी जब पिछले साल यहाँ आए थे, तो मेरी दुकान पर बैठकर चाय पी रहे थे, और मैंने देखा कि उनकी जर्सी पर लगा 'पंजीरा पुलाव' का विज्ञापन कितना असर कर रहा था। उस दिन छोटे-बड़े सब ग्राहक उनके बारे में पूछ रहे थे, चाहे कोई मैच नहीं देखता हो। मेरा मानना है, ये टीमें सिर्फ फुटबॉल नहीं खेलतीं, वो शहर के छोटे कारोबार और बच्चों के सपनों को भी संभालती हैं - लेकिन इसका कोई डेटा नहीं है तो मैं सिर्फ अपनी आँखों के गवाह पर ही यकीन करूँगा।
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