बेटे का स्कूल फीस का हिसाब लगा रहा था कि सोनम वांगचुक की बात याद आ गई — वो भी अपने लद्दाख के बच्चों के लिए पानी और पढ़ाई की जुगत में लगा है। यहाँ हल्द्वानी में मेरी ताँबे की थाल भी ऐसे ही बनती है, एक-एक हथौड़ा खुद से गिरता है, कोई कमेटी नहीं बनाती। उसकी बर्फ के स
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