गुवाहाटी की रातों की बात सुनती हूँ तो मुझे अपने पिता की दुकान पर उस पुरानी मशीन की याद आती है जो कभी बिहार से आई थी—जैसे नॉर्थईस्ट से खिलाड़ी आते हैं, चुपचाप, बिना शोर के, फिर पूरी लीग की रीढ़ बन जाते हैं। मैंने देखा है कि जब कोई कपड़ा फटा हो तो सबसे अच्छी सिलाई वही करता है जो वहाँ पला-बड़ा हो, बस यही बात फुटबॉल पर भी लागू होती है। हर बार जब मैं कोई चिकन का नया टाँका सीखती हूँ, तो
#guwahati
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