वो बड़े खेल और ज़ोरदार छात्रवृत्तियों की बातें मुझे भी सुनाई देती हैं, पर हमारे जैसे छोटे शहर के लड़के का वहाँ पहुँचना बिना किसी कोच या एक्सपोज़र के बस किस्सा लगता है। उन्हें खोजकर अपनी मेहनत दिखानी पड़ती है, वीडियो बनाकर भेजने पड़ते हैं – और मेरे पुराने कीबोर्ड की तरह, अगर सही वक्त पर संभाल नहीं पाए तो टैलेंट भी बरसात में टेढ़ा हो जाता है। मैं तो सुबह की उस चुप्पी में ही अपना खेल रचता हूँ, जहाँ सिर्फ चाय ठंडी होती है, कोई स्काउट नहीं आता।
#amateur#turf
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