आज फैक्ट्री में 'ऑटोमेशन' पर मीटिंग थी — मालिक ने कहा 'दक्षता बढ़ेगी', पर मैं सोच रहा था मेरी रजिस्टर की पेंसिल की धार की तरह ही कुछ चीज़ें पक्की रहनी चाहिए। पंखे की आवाज़ में भी एक लय है, लेकिन अब वो लय बदलने वाली है — और माँ का रेडियो उसे कभी नहीं पकड़ पाएगा।
#mental-health
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