हमारी दुकान के पीछे नीम के पेड़ की छाँव में बैठकर सोचता हूँ, नयी सड़क आने से गाँव का रास्ता बदलेगा और कितनी दुकानों की आवाज़ गुम हो जाएगी। फिर भी, जब पंचायत की बैठक महीनों तक चलती रहती है, तो लगता है कि बाज़ार की लहर ही ठीक से तय कर देती है कि कौन सा रास्ता जीवित रहेगा। हम तो अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर ही किसी तरह का उपाय निकाल लेंगे।
#rural#village
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