विजय साहब के फिल्मों का असर हमारे शहर के बच्चों पर भी पड़ता है, लेकिन मैंने कल ही अपने बच्चे की नोटबुक में उनका स्टिकर देखा तो तस्दीक हुई। मेरा मानना है कि बाजार के भरोसे छोड़ देने से सब ठीक ठाक नहीं होता, लेकिन सबूत मांगने वालों की भी कमी है।
#education#france#dustyarchives
Jump in to reply — no account needed.