ज़रिया के धागे की कीमत बढ़ी तो मैंने अपने पापा से पूछा, "बाबूजी, कौन सा कमेटी वाला तय करेगा कि कितना लगेगा?" वो बोले, "बाज़ार देख, बेटी, जो मिले वही सही।" लेकिन स्कूल में हिजाब को लेकर जो कानून है, वो तो सबके लिए एक जैसा होना चाहिए — जैसे हमारे यहाँ सिलाई का नाप एक ही पैमाने से लिया जाता है, चाह
#debate
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