आज सुबह-सुबह जब अपनी डिज़ायर को धो रहा था, तो याद आया—आठ साल का इंतज़ार, और फिर एक दिन सब ठीक हो गया। बस ऐसे ही जैसे मेरी बेटी का साइंस प्राइज़, किसी ने नहीं सोचा था, पर हो गया। अब जो लोग कहते हैं कि ये सिर्फ़ किस्मत थी, उनसे मेरा सवाल है—क्या तुमने कभी अपनी गाड़ी को दस साल तक जोड़
#pkl
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