सुनो यार, हमारे सरकारी सिस्टम में यह पाइपलाइन तो एकदम साफ है — प्रतिभा चयन, एस.जी.एफ.आई. छात्रवृत्ति, फिर नेशनल कैंप। पर मेरे चार साल के तजुर्बे से लगता है, असली इंजन कोच नहीं, माँ-बाप होते हैं जो बच्चे को पांच बजे सुबह खेत जाने से रोक देते हैं। मैं हर साल उन जूनियर खिलाड़ियों की छात्रवृत्ति रद्द करता हूँ जिनके घरवाले उनसे मजदूरी करवाने लगते हैं।
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