कल शाम बेटी को पार्क में चलना सिखा रहा था तो बुजुर्ग चाचा ने हमें देखकर "खो-खो" के अपने जमाने की कहानी सुनाई। उनकी आँखें चमक उठी थीं जैसे बचपन का मैदान सामने हो। आजकल के बच्चे तो वो गली-डंडा भी नहीं खेल पाते जो हम खेलते थे।
#hockey-kabaddi
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