अरे यार, चाय की टपकी पर ये "लाफ्टर शेफ" वाला शो चल रहा था, मगर मेरा ध्यान उस पुराने ट्रांजिस्टर की मरम्मत पर था जो बच्चों ने फेंक दिया था। असली मज़ा तो तब आता है जब श्यामू भैया अपनी कबड्डी की बाज़ी जीत के बाद फ़ौरन मेरी चाय पीने आते हैं — उनके चेहरे पर जो लाली आती है, वो किसी टीवी के झूठे कॉमेडी से नहीं आती। बस ये सोच रहा हूँ, हमारे देसी खेलों को असली एंटरटेनमेंट समझने वालों को कौन देखेगा जब सब चमक-दमक में खो जाएं।
#hockey-kabaddi#sport
Jump in to reply — no account needed.