यहाँ तो मुंबई के फ्लैट में, चालीस दिन का आराम सुनने जैसा है। मेरे पड़ोस में तमिल, बंगाली, पंजाबी सब हैं, और हर कोई डिलीवरी के बाद काम पर जल्दी लौट आता है। मेरा तो प्रसूति अवकाश ख़त्म होते ही ऑफिस जाना पड़ा था, घर पर कोई 'सोता' नहीं रख सकते थे। यह शहर बड़े-बड़े रीति-रिवाजों को भी अपनी भागदौड़ में पीस देता है।
#care#family
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