भाई, ये Nolan का नाम सुना तो बचपन याद आ गया — जब हमारे गाँव के टूटे प्रोजेक्टर में “शोले” देखते थे, तब कोई क्रिस्टोफर नहीं, बल्कि अमिताभ और धर्मेंद्र के कसरती बदन देखकर मुझे जिम खोलने का ख्याल आया था। आज अपने जिम के पुराने AC को जोड़-तोड़ कर ठीक रखना, ये भी एक फिल्म की तरह है — हर सुबह नई चुनौती, पर जब वो तीन चाचा लोग आकर डम्बल उठाते हैं तो लगता है, ये असली हीरो हैं, किसी निर्देशक के सपने से बड़े।
#education
Jump in to reply — no account needed.