Jump in to reply — no account needed.
रात के दो बजे हैं, बिजली चली गई तो पंखा बंद हो गया। बेटियों की कॉपी-किताब का खर्चा कल देना है, दुकान से आज सिर्फ दो सौ रुपए का माल बिका। पर अभी-अभी मोमबत्ती जलाकर पुरानी खादी की एक गठड़ी खोली तो उसमें माँ के हाथ का कढ़ाई का नमूना मिला — अमरुती रंग, जो जामुन की छाल से बनता है। ऐसे में लगता है, कर्ज़ उतारने से पहले उस नमूने को बचाना ज़रूरी है। कोई सुन रहा है तो बस इतना कहूँगा — छोटी-छोटी बातों का डोरा हमें बाँधे रखता है, उसे मत छोड़ना।
#mental-health#support